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desk 08-Dec-2025 12:00 PM

सरकारी स्कूल के छात्र रहे वाई सिंह ने पिता के सपनों को किया साकार, चिकित्सा जगत में लहराया परचम

रूरल न्यूज नेटवर्क। सरकारी स्कूल का जिक्र आते ही कुछ ऐसी कल्पना उभरकर सामने आती है कि यहां बच्चों का विकास नहीं हो सकता। हालांकि आजकल सरकारी विद्यालय काफी हाइटेक हो चुके हैं। पहले जीर्ण शीर्ण भवनों में शिक्षा की उच्च क्वालिटी के तमाम उदाहरण आज हमारे सामने हैं।

खजनी के ग्राम मंझरिया निवासी संगम सिंह एक उन्नतशील किसान रहे। संगम सिंह ने अपने दो पुत्र क्रमशः मानवेंद्र यादवेंद्र को प्राइमरी स्कूल मंझरिया में प्रारंभिक शिक्षा दिलाई।


दोनों पुत्रों को विरासत में घर से अच्छे संस्कार मिले और शिक्षकों ने इनकी शिक्षा की नींव इतनी मजबूत कर दी कि आज दोनों भाई अपने-अपने क्षेत्र में अग्रणी हैं। आज मानवेंद्र एक बिजनेसमैन हैं जबकि यादवेंद्र चिकित्सा क्षेत्र में अपनी खासी पहचान स्थापित कर चुके हैं।

विदित हो कि यादवेंद्र जो आज डा वाई सिंह के नाम से विख्यात हैं, इन्होंने एमपी इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2004 में एमबीबीएस की उपाधि अर्जित की।

रूरल न्यूज नेटवर्क की टीम से डा वाई सिंह ने अपने अनुभवों को साझा किया। डा वाई सिंह बताते हैं कि बचपन से ही मेरे पिता स्व. संगम सिंह का सपना मुझे चिकित्सक बनाने का था। जो आज साकार रूप ले चुका है।


वर्ष 2007 में डा वाई सिंह श्रीमती अलका सिंह के साथ दांपत्य जीवन में बंध गए। इनके दो बच्चे क्रमशः यशमित सुपुत्री सान्वी हैं। बता दें कि वर्ष 2011 में फल मंडी के पास पिता के नाम से संगम आई हास्पिटल की स्थापना की।

मरीजों को नेत्र संबंधी निदान के लिए पूरे मनोयोग से लग गए, मेहनत रंग लाई और मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा होने लगा। 25 अक्टूबर 2023 को तारामंडल में संगम सुपर स्पेशिलिटी आई हास्पिटल के माध्यम से आज डा. वाई सिंह मरीजों की सेवा में तत्पर हैं।

विदित हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा हास्पिटल का उदघाटन किया गया था। इसमें सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डा मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक ग्रामीण विपिन सिंह, एमएलसी डा धर्मेन्द्र सिंह की भी उपस्थिति रही।


यह रही उपलब्धियां

डा वाई सिंह आज महानगर में नेत्र सर्जन के रूप में विख्यात तो हैं ही इसके अलावा यह आईएमए सचिव, एनआईपीईडी, मेडिकल काजेज में सीआरसी आदि पदों के माध्यम से भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यही नहीं बीजेपी के रीजनल कोआर्डिनेटर मेडिकल के पद की भी गरिमा डा वाई सिंह बढा रहे हैं।


हास्पिटल सुविधाएं

डा वाई सिंह महीने में 4 से आठ निःशुल्क कैंप का भी आयोजन करती हैं। गरीबों को विशेष रियायत भी दी जाती है।


स्रकारी स्कूल का कराया सौंदर्यीकरण

डा. वाई सिंह बचपन में प्राइमरी स्कूल मंझरिया के छात्र रहे हैं। स्कूल की बदहाली को वह आज भी नहीं भुला पाए हैं। इनके माध्यम से स्कूलों को माडल स्कूल के रूप में स्थापित कराया गया है। स्कूल में डेस्क, बेंच, दीवारों पर आकर्षक रंगाई पुताई कर उसका उच्च स्तरीय कायाकल्प कराने के साथ ही कभी-कभी स्कूलों में बच्चों के बीच भी डा वाई सिंह पहुंचकर कुछ समय व्यतीत कर बच्चों के साथ खुशियां बटोरते हैं।

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