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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने “हैंडबुक ऑन लेबर, इमर्जिंग चैलेंजेज, रियलिटीज एंड फ्यूचर” और “मीडिया एंड
टेलीकम्युनिकेशन: लीगल प्रिंसिपल्स फॉर द डिजिटल ऐज” किताब का विमोचन किया। हैंडबुक का संपादन डॉ. वंदना सिंह, जूही दुबे और देव धर दुबे ने किया है। जबकि
प्रकाशन इंटीग्रिटी एजुकेशन इंडिया की ओर से किया गया है। खास बात यह कि इस किताब
की प्रस्तावना कुलपति प्रो. पूनम ने ही लिखी है।वहीं मीडिया एंड टेलीकम्युनिकेशन
का संपादन लॉ शोधकर्ता देव धर दुबे ने किया है।
लेबर से जुड़े मुद्दे पर शोध की आवश्यकता बढ़ी-
कुलपति इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में
श्रम से जुड़े मुद्दों पर गंभीर शोध और सार्थक विमर्श की आवश्यकता पहले से कहीं
अधिक बढ़ गई है। आर्थिक परिवर्तन, तकनीकी प्रगति और
बदलते कार्य-परिवेश के कारण श्रमिकों के अधिकारों और उनके कल्याण से जुड़े प्रश्न
लगातार नए रूप में सामने आ रहे हैं।
किताब के संपादकों ने बताया कि यह हैंडबुक भारत
में श्रम कानूनों और नीतियों के सामने मौजूद उभरती चुनौतियों, जमीनी वास्तविकताओं और भविष्य की संभावनाओं का
व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
इसी के साथ कुलपति ने “मीडिया एंड
टेलीकम्युनिकेशन: लीगल प्रिंसिपल्स फॉर द डिजिटल ऐज” पुस्तक का भी लोकार्पण किया।
यह किताब युवा विधि शोधकर्ता देव दुब ने लिखी है।
डिजिटल युग में मीडिया और दूरसंचार कानून से
जुड़े महत्वपूर्ण सिद्धांतों को केंद्र में रखकर लिखी गई यह किताब विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विधि जगत से जुड़े लोगों के लिए
उपयोगी मानी जा रही है। पुस्तक की प्रस्तावना विधि शिक्षाविद डॉ. आशा वर्मा ने
लिखी है।