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Wednesday, 1st April, 2026
कैम्पियरगंज
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रूरल
न्यूज नेटवर्क। बिहार से नेपाल
में फेक करेंसी की डिलीवरी करने जा रहे दो युवकों को पुलिस ने पकड़ा। इनके पास से
25 लाख के नकली नेपाली नोट और 18 हजार 500 रुपए के भारतीय जाली नोट मिले हैं।
इन
दोनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि, इनके साथ 8 और लड़के नकली नोट बनाने वाले
गिरोह में शामिल हैं। ये सभी सीतामढ़ी के मेजरगंज में रहकर प्रिंटिंग मशीन पर केमिकल
लगाकर नकली नोट छापते थे।
दोनों
आरोपियों के निशानदेही पर रविवार को पुलिस ने मेजरगंज में छापा मारा। वहां से नोट छापने
की मशीन, तीन बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया है।
नेपाल के चुनाव में करने वाले थे इस्तेमाल
रक्सौल
SDPO मनीष आनंद ने बताया, नकली नोट छापने वाले सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
है। 2026 के मार्च में नेपाल में चुनाव होना है। इसके लिए ये सभी आरोपी पिछले एक साल
से नकली नोट छाप रहे थे, ताकि उसमें इस्तेमाल किया जा सके।
नेपाली लड़के करते थे तस्करी
रक्सौल
SDPO मनीष आनंद ने आगे बताया, शनिवार की रात हमें जानकारी मिली की नेपाल-रक्सौल बॉर्डर
से 2 नेपाली लड़कों द्वारा जाली नोट की डील की जा रही है। वे हर बार अपने साथ लाखों
रुपए की जाली करेंसी लेकर चलते थे। यह नोट भारत के सीमावर्ती इलाके रक्सौल और सीतामढ़ी
के रास्ते तस्करी कर पहुंचाए जाते थे।
इसी
इनपुट के आधार पर रक्सौल SDPO ने अपनी पुलिस टीम को सक्रिया किया। सूचना के आधार पर
हरैया थाना पुलिस, विशेष टीम और SSB ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया।
सीतामढ़ी से चल रहा था गिरोह
घेराबंदी
कर बौधी माई स्थान के पास एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोक गया। इसमें से
एक नेपाल का कुख्यात तस्कर तिलक बहादुर थिंग शामिल था। जब उसकी तलाशी ली गई तो दोनों
के पास से भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर से 25 लाख रुपए के
नेपाली जाली नोट और 18 हजार 500 रुपए के भारतीय नकली नोट जब्त किए।
दोनों
आरोपियों को थाना लाकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने बड़े रैकेट से जुड़े होने की बात
कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया, पूरा नेटवर्क सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज से संचालित
हो रहा है।
मेजरगंज में छापेमारी, 8 और तस्कर पकड़े
गए
दोनों
आरोपियों की निशानदेही पर हरैया पुलिस ने DIO और SSB की संयुक्त टीम के साथ मेजरगंज
में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अलग-अलग ठिकानों से 25 लाख रुपए के नेपाली जाली
नोट और जाली करेंसी से जुड़ी सामग्री बरामद की गई। वहीं, आठ अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार
कर लिया गया।
पुलिस
के मुताबिक, बरामद किए गए नोट चुनाव के समय नेपाल में मतदाताओं को प्रभावित करने के
लिए बड़े पैमाने पर खर्च किए जाने वाले थे।
एक साल से कर रहे थे तस्करी
पूछताछ
में गिरफ्तार तस्करों ने बताया, वे पिछले एक साल से मेजरगंज से नेपाल में जाली नोटों
की आपूर्ति कर रहे थे। यह उनकी पहली बड़ी खेप थी, जिसमें वे पकड़े गए। पुलिस ने बताया,
जाली नोट बनाने में जिस केमिकल का इस्तेमाल होता है, वह भी मौके से बरामद किया गया
है।
गिरोह का मास्टरमाइंड राकेश सिंह
पुलिस
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड राकेश सिंह है, जो हाल ही में जेल
से बाहर आया है। वह जेल में रहते हुए भी नेटवर्क को संचालित करता था। राकेश इससे पहले
जाली नोट के एक बड़े मामले में STF की टीम पर गोली चलाने के आरोप में 17 साल जेल में
रह चुका है।
इसके
अतिरिक्त, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मो.असलम ने बताया कि वह एक का तीन की जाली नोट
ठगी के मामले में पहले भी 1 साल तक जेल में सजा काट चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट
तिलक
बहादुर थिंग (30)- बागमती प्रदेश (नेपाल)
सरोज
कुमार (31)- जिला बारा (नेपाल)
दिलीप
कुमार सिंह- थाना जयनगर, मधुबनी
श्रीदेव
महतो- जिला सिरहा (नेपाल)
रौशन
कुमार- थाना मेजरगंज, सीतामढ़ी
राकेश
सिंह- थाना मेजरगंज, सीतामढ़ी
साहेब
कुमार- थाना मेजरगंज, सीतामढ़ी
साजन
कुमार- थाना जितपुर, बारा (नेपाल)
विकास
कुमार पटेल- थाना मेजरगंज, सीतामढ़ी
मो.असलम- थाना मेजरगंज, सीतामढ़ी