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Sunday, 17th May, 2026
कैम्पियरगंज
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रूरल न्यूज नेटवर्क। साइबर क्राइम
थाने में 18 लाख की जालसाजी
का मामला सामने आया है। 36 साल के युवक को एक अंजान लड़की से फेसबुक पर दोस्ती करना
भारी पड़ गया। लड़की पर विश्वास कर वह ट्रेडिंग के नाम पर 18 लाख रुपये जालसाज के बैंक
खाते में जमा करता चला गया।
बाद में जब
लड़की ने बात करना छोड़ दिया, तब जालसाजी का अहसास हुआ।
कैंपियरगंज के
महावनखोर निवासी आनंद प्रकाश यादव ने साइबर क्राइम थाने में शुक्रवार को तहरीर
देकर अंजान फेसबुक फ्रेंड पर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस जांच पड़ताल कर
रही है।
कैंपियरगंज के
आनंद प्रकाश यादव बिजनेस करते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में फेसबुक पर
निधि मिश्रा नाम की लड़की ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा था। जिसे मैंने स्वीकार कर
लिया। इसके बाद मैसेज से बातें हुईं। उसने मेरा व्हाट्सएप नंबर ले लिया। इसके बाद
व्हाट्सएप पर रोज बातें करने लगी।
उसने मुझे
ट्रेडिंग करने के लिए समझाते हुए कहा कि इससे कम समय में अधिक कमाई हो सकती है।
मुझे उसकी बातों पर विश्वास हो गया। उसके कहने पर मैंने 50 हजार रुपये बैंक खाते में
जमा कराए।
लड़की बोली- 57 लाख जीत गए
मैंने 50
हजार रुपये
निधि के खाते में जमा कराए थे। कुछ ही दिन बाद उसने कॉल कर बताया कि 50 हजार रुपये
लगाने पर 57 लाख रुपये का
फायदा हुआ है। यह कहते हुए एक हर्ष गोयंका नाम के व्यक्ति से बात भी कराई। उसने भी
मुझसे यही बताया।
निधि और हर्ष
ने मुझे बताया कि 57 लाख रुपये निकालने के लिए 18 लाख रुपये कमीशन देना
पड़ेगा। निधि ने कई खाता नंबर भेजे थे, जिसपर मैंने 18 लाख रुपये विश्वास करके भेज
दिए। पैसे जमा कराने के बाद कहा गया कि बहुत जल्द 57 लाख रुपये आ जाएंगे। कई
दिनों तक इंतजार करने के बाद भी जब पैसे नहीं आए, तब मैंने निधि को कॉल किया
तो उसका नंबर बंद बताने लगा। कई बार ट्राई करने पर भी बात नहीं हो पाई। तब मुझे
साइबर जालसाजी का अहसास हुआ।
जालसाजों ने
मुझे विश्वास में लेकर 22 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक अलग-अलग बैंक खातों में 18 लाख रुपये जमा
करा लिए। बाद में पता चला कि मैं साइबर जालसाजों के चक्कर में फंस गया था।
इस संबंध में साइबर क्राइम थाना प्रभारी मो. रशीद खान ने कहा की मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच पड़ताल की जा रही है।