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Wednesday, 1st April, 2026
खजनी
रूरल न्यूज नेटवर्क। कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार, गोरखपुर में शनिवार
को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य
उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि उन्नति और किसानों के समग्र विकास
में उत्तर प्रदेश की भूमिका को उजागर करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष
डॉ. एस.के. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या में, बल्कि
कृषि उत्पादन, खाद्यान्न भंडारण, दुग्ध उत्पादन और सब्जी उत्पादन में भी देश में अग्रणी
है।
वही डॉ. यादव ने बताया
कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों तक नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, संतुलित पोषण प्रबंधन,
प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रीकरण की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा
रहा है।
इस अवसर पर केंद्र के
वैज्ञानिकों डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. कंचन, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. मनोज
कुमार और डॉ. शिवेंद्र प्रताप सिंह ने उन्नत कृषि तकनीकों पर जानकारी दी। उन्होंने
जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि में नवाचार, डिजिटल कृषि और जलवायु अनुकूल
खेती जैसे विषयों पर विस्तार से बताया।
इस दौरान वैज्ञानिकों
ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी
योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
इस दौरान कार्यक्रम में
प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र
के मार्गदर्शन से उनकी आय बढ़ी है और खेती अधिक लाभदायक सिद्ध हुई है।
वही महिलाओं ने कृषि आधारित स्वरोजगार, मशरूम उत्पादन, सब्जी नर्सरी और पशुपालन जैसी गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, प्रगतिशील किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित कुल 74 कृषकों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किसानों को सब्जियों की नर्सरी भी प्रदान की गई। वही कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।