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gorakhpur, cm yogi, young man, AIIMS 16-Apr-2026 04:48 PM

एम्स में गार्ड ने की युवक की पिटाई, पीड़ित को बंधक बनाने का भी किया प्रयास, प्रशासन ने गार्ड को हटाया

रूरल न्यूज नेटवर्क  गोरखपुर एम्स की इमरजेंसी के बाहर पिपराइच निवासी योगेंद्र निषाद की पिटाई के मामले में एक गार्ड को हटा दिया गया है। एम्स प्रशासन ने गार्ड का नाम उजागर नहीं किया है, लेकिन दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य गार्डों की भूमिका की जांच की जा रही है। घटना में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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योगेंद्र निषाद ने बताया कि 13 अप्रैल को उनके परिवार के एक सदस्य को एम्स की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर द्वारा एमआरआई की सलाह दिए जाने के बाद वह इमरजेंसी के बाहर नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। रात लगभग 9:30 बजे, इमरजेंसी के बाहर कुछ बाइक खड़ी थीं और छह-सात तीमारदार मौजूद थे। इसी दौरान दो गार्ड आए और बाइक के मालिक के बारे में पूछने लगे। योगेंद्र ने दो बार स्पष्ट किया कि बाइक उनकी नहीं है, इसके बावजूद गार्डों ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।

इसके बाद दो गार्ड हाथ में क्लैम्प लेकर पहुंचे और योगेंद्र को धमकाने लगे। आरोप है कि एक गार्ड, जो कथित तौर पर शराब के नशे में था, उसने योगेंद्र का सिर फाड़ देने की धमकी दी। विरोध करने पर चार-पांच गार्डों ने मिलकर योगेंद्र की पिटाई कर दी। जब योगेंद्र ने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो गार्डों ने उसका मोबाइल छीनकर दूर फेंक दिया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया।

योगेंद्र ने आरोप लगाया कि 20 से 25 गार्डों ने उसे बंधक बनाने का भी प्रयास किया। योगेंद्र किसी तरह गार्डों के चंगुल से निकलकर एम्स के गेट नंबर दो पर पहुंचा और अपने दूसरे मोबाइल से 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले जिम्मेदार गार्डों में उस गार्डो को हटा दिया था। एम्स थाने में गार्डों के खिलाफ तहरीर देने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से योगेंद्र और उनके परिजन नाराज हैं। योगेंद्र ने अब एसएसपी से मिलकर शिकायत करने की बात कही है।

गोरखपुर एम्स प्रशासन ने मरीजों के हित और परिसर की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को गार्ड के रूप में तैनात किया है। उम्मीद थी कि यह गार्ड समझदार होने के कारण मरीजों व उनके परिजनों से अच्छा व्यवहार करेंगे लेकिन तैनाती के साथ ही गार्डों द्वारा अभद्रता किए जाने की शिकायत होने लगी। इसके बावजूद एम्स प्रशासन लंबे समय तक इन मामलों को नजरअंदाज करता रहा और शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जाती रही। अब जाकर पहली बार किसी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिससे पहले की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं

गोरखपुर एम्स मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि युवक से मारपीट करने वाले गार्ड को हटा दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्ध गार्डों की जांच की जा रही है। घटना में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एम्स थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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