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Sunday, 17th May, 2026
खोराबार
रूरल न्यूज नेटवर्क। एम्स गोरखपुर
के नाक, कान व गला (ईएनटी) विभाग ने एनेस्थीसिया विभाग
के सहयोग से एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी में सफलता हासिल की है। टीम ने पश्चिमी
चंपारण, बिहार के 53 वर्षीय रोगी के
चेहरे और गर्दन से 1.8 किलोग्राम का
विशाल पैरोटिड ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। रोगी कई वर्षों
से चेहरे और गर्दन के पास बढ़ती सूजन से परेशान था, जिसके कारण उसे
चेहरे की विकृति और दैनिक कार्यों में कठिनाई हो रही थी। विस्तृत चिकित्सकीय और
रेडियोलॉजिकल परीक्षणों के बाद, रोगी में
पैरोटिड ग्रंथि का प्लियोमॉर्फिक एडेनोमा पाया गया।
ईएनटी विभाग की टीम ने
ट्यूमर को पूरी तरह से हटा दिया। सर्जरी में निकाले गए ट्यूमर का वजन लगभग 1.8 किलोग्राम था, जिसे अत्यंत
विशाल और दुर्लभ पैरोटिड ट्यूमर माना जाता है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश में की गई
एक महत्वपूर्ण और जटिल सर्जरी है। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य बताई जा
रही है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। वह वर्तमान में स्वस्थ हो रहा
है। यह सफलता गोरखपुर एम्स के ईएनटी और एनेस्थीसिया
विभागों की विशेषज्ञता, समन्वय और
उन्नत चिकित्सा सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश और
आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्चस्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने
के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
सर्जरी टीम का नेतृत्व एम्स
गोरखपुर के ईएनटी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचिका अग्रवाल ने किया। टीम में
डॉ. अश्वनी कुमार चौधरी, डॉ. पंखुरी
मित्तल, डॉ. नैंसी, डॉ. श्वेतांक, डॉ. निष्ठा, डॉ. गौतम और
डॉ. अभिलाष शामिल थे।
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. अंशिल, डॉ. रियास और डॉ. अभिषेक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्चस्तरीय एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।