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• gorakhpur, cm yogi, cold day, MLC, Khorabar, resident • गोरखपुर / खोराबार • 17-01-2026

खोराबार निवासियों के समर्थन में आए एमएलसी देवेंद्र:मकानों के मालिकाना हक को लेकर तीन साल से कर रहे संघर्ष

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना से प्रभावित खोराबार के काश्तकारों के समर्थन में अब एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी गए हैं। अपनी समस्या लेकर काश्तकार उनसे मिले थे। जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस मामले को लेकर प्रशासन, GDA प्रभावित काश्तकारों के साथ संयुक्त बैठक कराएंगे और इस मामले का हल निकालेंगे। खोराबार के काश्तकार अपने मकानों के मालिकाना हक को लेकर 3 साल से लड़ाई लड़ रहे हैं।

प्राधिकरण की ओर से जब यह योजना लांच की गई तो कई मकान भी उसकी जद में आने लगे। जिसके बाद मकान मालिकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। जिसके बाद यह तय हुआ कि जिन क्षेत्रों में सघन आबादी है, उसे योजना से बाहर कर दिया जाएगा। इस तरह मकान टूटने से तो बच गए लेकिन उसका मालिकाना हक उन्हें नहीं मिल पाया। अब भवन स्वामी मालिकाना हक के लिए भी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि सीएम ने इस मामले का हल निकालने को कहा था लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।

अपनी मांगों को लेकर काश्तकरों ने 15 जनवरी को प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शन करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है। उनका कहना है कि हर बार उन्हें 15 दिन में मामले का हल निकालने का भरोसा दिया जाता है लेकिन अभी तक हल निकाला नहीं गया। काश्तकारों ने कह कि यह किसी को पता नहीं है कि वे 15 दिन कब आएंगे।

जानिए एमएलसी से काश्तकारों ने क्या कहा

काश्तकारों ने एमएलसी से कहा कि 2023 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी भवन में बैठक बुलाई थी। बैठक में दौरान इस बात के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इस मामले का हल निकाला जाए। लेकिन 3 साल बीत जाने पर भी उस निर्देश का पालन नहीं किया गया।

एमएलसी ने कहा कि 2023 में ही सीएम के निर्देश पर अंतरविभागीय समिति गठित की गई थी। जिससे उसके रिपोर्ट के आधार पर निस्तारण किया जा सके। समिति अपनी रिपोर्ट तब देगी जब उसे GDA सारे प्रपत्र उपलब्ध कराएगा। एमएलसी ने कहा कि वह कमिश्नर से बात करने के बाद संयुक्त बैठक कराएंगे। उन्होंने कहा कि GDA ने 200 रुपये प्रति वर्ग फीट मुआवजा दिया और उससे कई गुना अधिक कीमत पर जमीन बेच रहा है। काश्तकारों को उचित मुआवजा मालिकाना हक मिलना चाहिए।

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