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Wednesday, 10th June, 2026
खोराबार
रूरल न्यूज नेटवर्क। AIIMS ने डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए OPD में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। मरीजों और उनके
परिजनों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही
उन्हें ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं।
कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल
(सेवानिवृत्त) डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि डायरिया के अधिकांश मामले सामान्य होते
हैं, लेकिन लापरवाही कई बार स्थिति को गंभीर बना सकती
है। चिकित्सकों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को दो से तीन दिन से अधिक समय तक
लगातार पतले दस्त हो रहे हों, दस्त में खून आ
रहा हो, तेज बुखार हो, बार-बार उल्टी
हो रही हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क
करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि
अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब कम होना, आंखों का धंस
जाना, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी
या बेहोशी की स्थिति निर्जलीकरण के गंभीर संकेत हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती
महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में यह स्थिति अधिक खतरनाक हो
सकती है।
AIIMS के चिकित्सकों ने डायरिया
से बचाव के लिए स्वच्छ पानी पीने, भोजन से पहले
और शौच के बाद हाथों की नियमित सफाई तथा ताजा और स्वच्छ भोजन के सेवन की सलाह दी
है। मरीजों को ओआरएस का घोल, पर्याप्त तरल
पदार्थ और सुपाच्य भोजन लेने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि डायरिया को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान, उचित देखभाल और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।