• gorakhpur, cm yogi, Prof. Anupama Kaushik
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गोरखपुर / खोराबार
• 21-05-2026
MMMUT की पहली महिला कुलपति बनीं प्रो.अनुपमा कौशिक शर्मा, शिक्षा और शोध में बड़ा नाम हैं, छात्रों मे खास उत्साह
रूरल न्यूज नेटवर्क।मदन मोहन
मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति कर दी गई है।
प्रो.अनुपमा कौशिक शर्मा को तीन साल के लिए विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया
है।उनकी नियुक्ति को संस्थान के इतिहास में बेहद
खास माना जा रहा है, क्योंकि वह
एमएमएमयूटी की पहली महिला कुलपति होंगी।इससेपहले विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर प्रो.जेपी सैनी
कार्यरत थे। उनका कार्यकाल 16 जनवरी को
समाप्त हो गया था। इसके बाद उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया। साथ ही
उन्हें एमएमएमयूटी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।अब प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा को विश्वविद्यालय का पांचवां
कुलपति नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपना पदभार ग्रहण कर
सकती हैं।
पहली बार किसी महिला के हाथ
में होगी कमान
प्रो. शर्मा की नियुक्ति कई
मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय से
लेकर विश्वविद्यालय बनने तक अब तक किसी महिला को संस्थान की कमान नहीं मिली थी।
यही नहीं, प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में भी महिला कुलपति या निदेशक
के उदाहरण बेहद कम रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व की दिशा में
बड़ा कदम माना जा रहा है।
पंजाब यूनिवर्सिटी से की
उच्च शिक्षा
प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा
ने अपनी उच्च शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने वर्ष 1993 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीई, 1995 में एमई, 1999 में एमबीए
फाइनेंस और 2005 में पीएचडी की डिग्री हासिल
की। इसके अलावा उन्होंने सांख्यिकी में पीजी डिप्लोमा और फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा
भी किया है।
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31 वर्षों का
शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव
प्रो. शर्मा ने अपने करियर
की शुरुआत वर्ष 1999 में पंजाब
यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में लेक्चरर के रूप में की थी। वर्ष 2008 में वह एसोसिएट प्रोफेसर बनीं और 2011 में प्रोफेसर के पद पर पहुंचीं।
उन्होंने विश्वविद्यालय में
कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। इनमें टेक्विप समन्वयक, पुरातन छात्र संबंध की अधिष्ठाता और यूनिवर्सिटी
इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां
शामिल हैं।
शिक्षण, शोध और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में उन्हें 31 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने करीब 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा 10 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है।
कई राष्ट्रीय और
अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले
प्रो. शर्मा को शिक्षा और
शोध के क्षेत्र में कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें एशियन पॉलिमर एसोसिएशन का
यंग रिसर्चर अवार्ड, एआईसीटीई का
करियर अवार्ड फॉर यंग टीचर्स और इंडो-स्विस बाईलैटरल रिसर्च इनिशिएटिव फेलोशिप से
सम्मानित किया जा चुका है।वह पंजाब
यूनिवर्सिटी की एमबीए और सांख्यिकी डिप्लोमा परीक्षा की गोल्ड मेडलिस्ट भी रही
हैं।
प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा
को शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
देने के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत से जुड़े लोग उनकी
नियुक्ति को एमएमएमयूटी के लिए नई दिशा देने वाला कदम मान रहे हैं।