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Thursday, 21st May, 2026
खोराबार
रूरल न्यूज नेटवर्क। समाजवादी
पार्टी की नेत्री और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी काजल निषाद को मंगलवार देर रात
गोरखपुर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। काजल निषाद ने बुधवार को गोरखपुर के गीडा
इलाके में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के बैनर तले सहजनवा रेलवे
स्टेशन के पास होना था। हाउस अरेस्ट
किए जाने के बाद काजल निषाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार और प्रशासन पर
निशाना साधा। उन्होंने लिखा- यह खौफ अच्छा है, यह होना भी
चाहिए। अभी-अभी मुख्यमंत्री जी के आदेश पर गोरखपुर, रामगढ़ ताल
पुलिस ने मुझे हाउस अरेस्ट किया है।
अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद
करने से शासन-प्रशासन में जो यह खौफ है, यह अच्छा है।
इस तानाशाही के खिलाफ सदैव लड़ते रहेंगे। उनकी इस पोस्ट के बाद राजनीतिक माहौल और
गर्म हो गया।
रात में पहुंची पुलिस, सभी को हाउस अरेस्ट किया
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क
हो गया था। मंगलवार देर रात तारामंडल थाने की पुलिस काजल निषाद के घर पहुंची और
उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिस ने साफ कहा कि वे किसी भी हालत में
गीडा के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकतीं। प्रशासन का
कहना है कि यह प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकता था। इसी कारण
एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई।
हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं
में सपा नेत्री काजल निषाद के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी, पूर्व विधायक यशपाल रावत, जिला महासचिव
रामनाथ यादव, जिला उपाध्यक्ष गीरीश यादव और सहजनवा विधानसभा
अध्यक्ष मनीष कमांडो समेत सात पदाधिकारी शामिल हैं। जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम को भी हाउस अरेस्ट किया
गया था, लेकिन लखनऊ कार्यक्रम में जाने की बात पर उन्हें
छोड़ दिया गया। अन्य को देर शाम तक छोड़े जाएंगे।
गीडा में प्रदूषण बना
मुद्दा
बताया जा रहा है कि गीडा
क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी
आंदोलन की तैयारी कर रही थी। काजल निषाद इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने वाली
थीं। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर
रही है।
राजनीति में लगातार सक्रिय हैं काजल निषाद
टीवी अभिनेत्री रह चुकी काजल निषाद पिछले कुछ वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने गोरखपुर क्षेत्र में कई चुनाव लड़े हैं। वे समाजवादी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सदर सीट से उम्मीदवार रह चुकी हैं। इसके अलावा कैंपियरगंज विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच उनकी राजनीतिक सक्रियता फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।