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Saturday, 16th May, 2026
कौड़ीराम
रूरल न्यूज नेटवर्क। तरबूज खाने के
बाद मैगी खाने से एक ही परिवार के 11 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी
को उल्टी, दस्त, पेटदर्द और सांस लेने में
दिक्कत शुरू हो हुई। बुधवार तड़के करीब 3 बजे घरवालों ने गांव के
झोलाछाप से दवा लेकर खा ली।
इसके बाद सभी की तबियत और
अधिक खराब हो गई। गुरुवार दोपहर पड़ोसियों ने सभी को CHC में भर्ती
कराया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सभी को गुरुवार शाम जिला अस्पताल रेफर
कर दिया। मरीजों में 2 साल के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग शामिल हैं।
घटना बेलीपार थाना क्षेत्र की है।
पहले तरबूज
खाया, फिर खाई मैगी
बेलीपार थाना क्षेत्र के
मलाव गांव के रहने वाले अमरनाथ पाण्डेय की बेटी अन्नू ने बताया कि बुधवार शाम को
एक फेरी वाल तरबूज बेचने आया था। उससे हम लोगों ने तरबूज खरीद लिया। शाम करीब 8 बजे परिवार के सदस्यों ने एक साथ सबसे पहले तरबूज खाया।
इसके करीब एक घंटे बाद
बच्चों की जिद पर घर में मैगी बनी। मैगी को मेरे पिता अमर नाथ पाण्डेय (65), ताऊ बैजनाथ पाण्डेय (68), मेरी मां शैल
कुमारी (63), भाई अंशु पाण्डेय (26), बहन पूर्णिमा पाण्डेय (25) ने खाई। इसके अलावा परिवार के ही बलराम पाण्डेय के बेटे वेदांत
पाण्डेय (3) और हन्नू पाण्डेय (2), लक्ष्मीकांत पाण्डेय की बेटी नेहा पाण्डेय, रिश्तेदार जगदीश दुबे (80), सौरभ त्रिपाठी
(25)
ने भी खाई। रात करीब 1 बजे एक-एक कर
सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।
सबसे पहले बच्चों की बिगड़ी
तबियत, झोलाछाप से दवा ली
सबसे पहले बच्चों को
उल्टियां शुरू हो गई। दस्त आने लगे। फिर घर के बड़े सदस्यों की तबियत खराब होने
लगी। पेट दर्द, उल्टी-दस्त शुरू हो गए। सांस लेने में दिक्कत
होने लगी। तड़के करीब 3 बजे सभी लोगों
ने गांव के झोलाछाप से दवा लेकर खा ली।
मगर दवा खाने के बाद और
तबियत खराब हो गई। गुरुवार दोपहर तक परिवार के 11 लोगों की
स्थिति अधिक बिगड़ गई। पड़ोसियों ने सभी लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया।
गुरुवार शाम को जिला
अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख इमरजेंसी वार्ड में
भर्ती कर लिया। तुरंत इलाज शुरू किया। कुछ समय बाद धीरे- धीरे उल्टी-दस्त रुक गया
और पेट दर्द भी आराम होने लगा। साथ सांस लेने में भी आसानी होने लगी।
डॉ. आरपी गौतम ने बताया कि
जिला अस्पताल में एक ही परिवार के कुल 11 मरीज गंभीर
हालत में आए थे। जिन्हें तत्काल भर्ती किया गया। फ़िलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर
हैं। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज हो रहा है। हालत सामान्य होने पर ही डिस्चार्ज
किया जाएगा।
CMO ने जाना मरीजों
का हाल
मामले की जानकारी होने पर CMO डॉ. राजेश झा अस्पताल पहुंचे। मरीजों से बात की। उन्होंने
बताया कि एक बुजुर्ग की हालत ज्यादा सीरियस थी। लेकिन अब उसकी स्थिति ठीक है।
शुक्रवार दोपहर को एक टीम गांव जाएगी। ये लोग कैसे बीमार हुए। इसकी जांच करेंगे।
उन्होंने बताया कि ठंडी तासीर वाली चीजें खाने के बाद गर्म खाद्य पदार्थ खाने पर पेट में बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से फैलता है। यह खाने वाले को बीमार कर देता है।