इस अवसर पर उपजिलाधिकारी बांसगांव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज का जीवन मानव सेवा, परोपकार और आध्यात्मिक साधना का अनुपम उदाहरण है। उनके द्वारा दिखाए गए प्रेम, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड का पाठ एवं ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। बाबा नीम करोली महाराज की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके जीवनकाल में थीं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।