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Tuesday, 2nd June, 2026
पिपरौली
रूरल न्यूज नेटवर्क। पिपरौली विकास
खंड कार्यालय परिसर में सरकारी आवासों को लेकर ब्लॉक प्रशासन और गीडा पुलिस के बीच
विवाद गहरा गया है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राकेश कुमार शुक्ला ने वरिष्ठ पुलिस
अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र लिखकर गीडा थाने के पुलिसकर्मियों पर सरकारी आवासों पर
अवैध कब्जा करने और परिसर का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।
बीडीओ शुक्ला ने एसएसपी को
भेजे पत्र में बताया कि विकास खंड कार्यालय परिसर के सरकारी आवासों में वर्तमान
में गीडा थाने की महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं। इन
पुलिसकर्मियों को पूर्व में 17 जनवरी 2026 को पत्र संख्या
1065 के माध्यम से आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके
बाद भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी आवास खाली नहीं किए गए।
ब्लॉक प्रशासन ने परिसर की
सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आरोप है कि यदि ब्लॉक कर्मियों द्वारा
सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य गेट बंद किया जाता है, तो वहां रह रही
महिला कांस्टेबल रात में बंद ताले को तोड़ देती हैं। ऐसी स्थिति में परिसर में कोई
अप्रिय घटना या चोरी होने की आशंका है। पुलिसकर्मियों के रहने के कारण ब्लॉक परिसर
का मुख्य गेट हमेशा खुला रहता है और रात भर गाड़ियों की आवाजाही लगी रहती है।
पुलिसकर्मियों के इस
अनाधिकृत कब्जे के कारण ब्लॉक के शासकीय कार्यों के सुचारु संचालन में भारी बाधा
उत्पन्न हो रही है। बीडीओ राकेश कुमार शुक्ला ने इस पत्र की प्रतियां आयुक्त
ग्राम्य विकास लखनऊ और मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए
भेजी हैं।
इस पूरे मामले
पर जब गीडा थाना प्रभारी अश्वनी पाण्डेय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि
वर्तमान में थाना परिसर के अंदर पुलिस आवास निर्माणाधीन हैं। उन्होंने आश्वस्त
किया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच करा ली जाएगी और जांच के बाद जो भी आवश्यक
कानूनी कार्रवाई होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी।