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gorakhpur, cm yogi, Development 16-Apr-2026 03:37 PM

गोरखपुर विकास प्राधिकरण में 3 नए वेयरहाउसिंग हब, औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा, उद्यमियों को राहत

रूरल न्यूज नेटवर्क  औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) को प्रदेश के एक प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने के प्रयास अब धरातल पर रंग लाने लगे हैं। गीडा क्षेत्र में निवेश के बढ़ते ग्राफ और फैक्ट्रियों की बढ़ती संख्या के बीच अब उद्यमियों की सबसे बड़ी समस्या स्टोरेज के समाधान की तैयारी शुरू हो गई है।

गीडा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे निवेश और फैक्ट्रियों की बढ़ती संख्या के कारण उद्यमियों को अपने उत्पादों के भंडारण (स्टोरेज) में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।

गीडा में तीन बड़े वेयरहाउसिंग इकाइयों के निर्माण की योजना पर काम तेज हो गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने सहजनवा तहसील प्रशासन से भूमि चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से न केवल कच्चे माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि तैयार उत्पादों को बाजार भेजने से पहले सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती भी समाप्त हो जाएगी।

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मुंबई की संस्था करेगी भारी निवेश

गीडा की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए मुंबई की प्रतिष्ठित संस्था मैसर्स पीपल ट्री लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड ने यहाँ तीन वेयरहाउसिंग इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। संस्था की इस पहल को यूपीसीडा ने गंभीरता से लेते हुए जमीन की तलाश शुरू कर दी है।

यूपीसीडा के प्रभारी (वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक) रमाकांत कुशवाहा ने इस संबंध में एसडीएम सहजनवा को औपचारिक पत्र भेजकर भूमि आवंटन की प्रक्रिया को गति देने का अनुरोध किया है।

इन गांवों में प्रस्तावित है निर्माण

प्रशासनिक योजना के अनुसार, वेयरहाउसिंग इकाइयों के लिए गीडा के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तीन क्षेत्रों को चुना गया है: नगवां, ​मुजैला और ​तेनुआ। इन क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करने के लिए तहसील प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

यूपीसीडा ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित भूमि 'एकीकृत' (एक बड़े टुकड़े में) होनी चाहिए ताकि लॉजिस्टिक हब के संचालन में कोई तकनीकी बाधा न आए।

मानकों पर खरी उतरनी चाहिए जमीन

यूपीसीडा ने भूमि के चयन के लिए कुछ कड़े मानक भी निर्धारित किए हैं। एसडीएम को भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि प्रस्तावित भूमि कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे होनी चाहिए, ताकि भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही सुगम हो सके।

सार्वजनिक उपयोग की भूमि (यदि कोई हो) की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करनी होगी। तहसील प्रशासन को जमीन का रंगीन सजरा प्लान (नक्शा) भी रिपोर्ट के साथ संलग्न करना होगा।

उद्यमियों को मिलेगा बड़ा सहारा

वर्तमान में गीडा में तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं, लेकिन कई उद्यमियों को अपने कच्चे माल और तैयार माल को रखने के लिए किराए के गोदामों या फैक्ट्रियों के भीतर ही सीमित स्थान का उपयोग करना पड़ता है। इससे उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है। नए वेयरहाउस बनने से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और गीडा में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को और मजबूती मिलेगी।

इस संबंध में एसडीएम सहजनवा, केशरी नंदन तिवारी ने बताया कि यूपीसीडा से वेयरहाउसिंग इकाइयों के लिए भूमि चिन्हित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, हमने संबंधित कानूनगो और लेखपालों की टीम गठित कर उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी है।

राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर मानकों के अनुरूप जमीन का सर्वे कर रही है। जल्द ही रंगीन सजरा और विस्तृत रिपोर्ट यूपीसीडा को भेज दी जाएगी ताकि निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। ​गीडा में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण यहाँ के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में एक "गेम चेंजर" साबित होगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि गोरखपुर आने वाले समय में पूर्वांचल के सबसे बड़े लॉजिस्टिक गेटवे के रूप में उभरेगा।

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