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Wednesday, 1st April, 2026
सहजनवा
सहजनवा नगर पंचायत
क्षेत्र का बोक्टा-गाहासांड़ मार्ग पिछले
तीन वर्षों से
जर्जर हालत में
है। यह महत्वपूर्ण
संपर्क मार्ग पूरी
तरह से उखड़ चुका है,
जिससे स्थानीय निवासियों
और राहगीरों को
भारी परेशानी का
सामना करना पड़
रहा है।
सड़क पर बने
गहरे गड्ढे लगातार
दुर्घटनाओं का कारण
बन रहे हैं।
इसके चलते इस मार्ग पर
आवागमन बेहद मुश्किल
हो गया है, जिससे क्षेत्र
के विकास के
दावों पर सवाल उठ रहे
हैं। ग्रामीणों का
आरोप है कि प्रशासन इस समस्या
पर कोई ध्यान
नहीं दे रहा है। स्थानीय
लोगों ने अब चेतावनी दी है कि यदि
जल्द ही सड़क की मरम्मत
नहीं की गई, तो वे
तहसील मुख्यालय पर
धरना-प्रदर्शन करेंगे।
जाम से मुक्ति दिलाने
वाला मार्ग खुद बना
मुसीबत
यह मार्ग
भौगोलिक और यातायात
की दृष्टि से
अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह हाईवे से
शुरू होकर बोक्टा
और गाहासांड़ होते
हुए पटखौली चौराहे
पर सहजनवा-घघसरा
मार्ग से मिलता
है। इस मार्ग
की सबसे बड़ी
विशेषता यह है कि पटखौली
से आने वाले
राहगीरों को कस्बे
के भीतर जाने
की आवश्यकता नहीं
पड़ती।
जिससे वे मुख्य
बाजार के भीषण जाम से
बचते हुए सीधे
हाईवे तक पहुंच
जाते हैं। लेकिन
पिछले तीन वर्षों
से मरम्मत के
अभाव में यह शॉर्टकट अब "सफर-ए-मुसीबत
बन गया है।
बिखरी गिट्टियां और
गहरे गड्ढे बन रहे
हादसों का कारण
सड़क की
ऊपरी परत पूरी
तरह उखड़ चुकी
है, जिससे नुकीली
गिट्टियां सड़क पर
फैल गई हैं। स्थानीय नगरवासी नरेंद्र
कुमार, बृजराज, संदीप
कुमार, अमरजीत, रामशरन
प्रसाद और भगवानदास—ने अपना
आक्रोश व्यक्त करते
हुए बताया कि
तीन साल से सड़क के
हाल बदतर हैं।
दोपहिया वाहन चालक
आए दिन इन गिट्टियों पर फिसलकर
चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्गों
और स्कूली बच्चों
के लिए इस रास्ते पर
चलना किसी जोखिम
से कम नहीं है। रात
के अंधेरे में
स्थिति और भी भयावह हो
जाती है क्योंकि
गड्ढों का अंदाजा
नहीं मिल पाता।
अधिकारियों
की उपेक्षा से ग्रामीणों में
भारी रोष
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग की दुर्दशा को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि विभाग ने तत्काल सुध नहीं ली और मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं कराई, तो वे संगठित होकर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इस गंभीर समस्या को लेकर जब तहसीलदार राकेश कन्नौजिया से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्यदायी संस्था या विभाग को इस मार्ग की स्थिति से अवगत कराते हुए शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने के लिए औपचारिक पत्र भेजा जाएगा।