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Saturday, 16th May, 2026
सहजनवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। सहजनवा तहसील क्षेत्र के सिसई कपसी सिवान में शुक्रवार
दोपहर भीषण आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में मोहद्दीनपुर तख्था, तेतरिया और पाली गांव के दर्जनों किसानों की
करीब 80 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल
रूप धारण कर लिया। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल शुक्रवार दोपहर जब किसान अपने खेतों की देखभाल
में जुटे थे, तभी अचानक सिसई कपसी सिवान से धुएं का गुबार
उठने लगा। देखते ही देखते लपटें ऊंची होने लगीं। पछुआ हवा के तेज झोंकों ने आग को
तेजी से फैला दिया। आग की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भारी संख्या में
ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को
दी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार दुर्गेश चौरसिया
और थानाध्यक्ष महेश चौबे दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों
के आने से पहले ही ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। आग को आगे बढ़ने से
रोकने के लिए कई किसानों ने अपने ट्रैक्टरों से जलती हुई फसल के आगे के खेतों की
जुताई शुरू कर दी, ताकि 'फायर लाइन' बनाई जा सके। बाद में दमकल कर्मियों और
ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह
काबू पाया जा सका।
इन किसानों को हुई भारी क्षति इस दैवीय आपदा में तख्था निवासी नरसिंह शुक्ल, विश्वजीत, सर्वजीत, बैजनाथ त्रिपाठी, राजेन्द्र और
प्यारेश्याम की मेहनत की कमाई स्वाहा हो गई। वहीं, तेतरिया गांव के
पुरूषोत्तम, ब्रह्मदेव, मुराली और वासिनी
सिंह सहित कई अन्य किसानों की लहलहाती फसलें पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो
गईं। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल को आंखों के सामने जलता देख किसान बेसुध हो गए।
मुआवजे की प्रक्रिया शुरू प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रभावित किसानों को ढांढस बंधाया। नायब तहसीलदार ने बताया कि राजस्व टीम को जली हुई फसलों के सटीक आकलन के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशासन जल्द ही क्षति का सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजेगा, ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाकर उन्हें इस आर्थिक संकट से उभारा जा सके।