-
Saturday, 16th May, 2026
सहजनवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। सरकारी नौकरी की चाहत में एक महिला समेत कई
ग्रामीण ठगी का शिकार हुए हैं। गीडा थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी
दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ठगे गए हैं। पीड़ितों ने अब इस मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई
है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी ठगी गई रकम वापस
दिलाने की मांग की है।
झांसा देकर हड़पे डेढ़ लाख रुपए
मिली जानकारी के अनुसार, गीडा थाना क्षेत्र
के ग्राम खीरीडार (डोमरडाड) निवासी वर्षा, जिनके पति रविंद्र
जीविकोपार्जन के लिए बाहर रहते हैं, जालसाजों का मुख्य
निशाना बनीं। वर्षा का परिचय बगल के गांव की एक महिला से था। उस महिला ने वर्षा को
स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया और उसकी मुलाकात एक
अज्ञात युवक से कराई।
पीड़िता का आरोप है कि महिला और युवक ने मिलकर नौकरी पक्की
कराने के नाम पर तीन किस्तों में कुल डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए। यह राशि कुछ नकद और
कुछ बैंक खाते के माध्यम से ली गई थी।
पैसे मांगने पर मिली जान
से मारने की धमकी
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली, तो वर्षा को ठगी का अहसास हुआ। जब उन्होंने
अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि आरोपियों ने न केवल पैसा लौटाने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि पीड़िता को भद्दी-भद्दी गालियां दीं और
दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
कई अन्य ग्रामीण भी बने ठगी का शिकार
यह जालसाजी केवल एक महिला तक सीमित नहीं है। जांच और तहरीर
में यह बात सामने आई है कि इन जालसाजों ने क्षेत्र में अपना जाल फैला रखा था। आरोप
है कि इन्होंने राकेश (निवासी कटाई टीकर) से 87 हजार रुपए की ठगी की। श्याम सुंदर (निवासी मठिया) से 46 हजार रुपए हड़पे। इसके अलावा, क्षेत्र के कई अन्य भोले-भाले लोग भी इन ठगों
के झांसे में आकर लाखों रुपए गंवा चुके हैं।
पुलिसिया कार्रवाई की मांग
पीड़िता वर्षा ने
गीडा पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और न्याय
दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीण अंचलों में सक्रिय ऐसे गिरोह अक्सर लोगों की
मजबूरी और सरकारी नौकरी के आकर्षण का फायदा उठाते हैं। पुलिस अब मामले की छानबीन
कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
सतर्क रहें स्वास्थ्य विभाग या किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी केवल आधिकारिक चयन प्रक्रिया और परीक्षाओं के माध्यम से मिलती है। किसी भी बिचौलिए या व्यक्ति को नकद राशि न दें।