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Wednesday, 1st April, 2026
सहजनवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। बुधवार रात सहजनवा थाना
क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब डायल 112 कंट्रोल रूम को एक युवती की हत्या की सूचना मिली। हालांकि, घंटों की जांच के बाद यह सूचना फर्जी निकली।
सूचना मिलते ही
भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और गहन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने घटनास्थल और
आसपास के इलाकों में घंटों तक छानबीन की।
जांच के दौरान
पता चला कि हत्या की यह सूचना पूरी तरह निराधार थी। अब पुलिस सरकारी तंत्र को
गुमराह करने वाली अज्ञात युवती की तलाश कर रही है, जिसने यह झूठी
सूचना दी थी।
मिली जानकारी
के अनुसार, बुधवार रात करीब 9:30 बजे डायल 112 पर एक अज्ञात
युवती का फोन आया। कॉल करने वाली ने दावा किया कि ग्राम विडार (पोस्ट चढराव) के
निवासी केशव शर्मा ने अपनी ही साली जानवी की हत्या कर दी है। हत्या जैसी गंभीर
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम की सतर्कता पर तत्काल
कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहजनवा महेश चौबे के नेतृत्व में एसी घनश्याम
उपाध्याय, सुरेश यादव, देवेंद्र दुबे और सुमित सहित भारी पुलिस बल गांव विडार
पहुंच गया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने गांव में पहुंचकर जब मामले की गहराई से पड़ताल की, तो सच्चाई कॉल से बिल्कुल उलट निकली। जांच में पाया गया कि
कथित मृतका जानवी पूरी तरह सुरक्षित है और अपने घर कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में
मौजूद थी। आरोपी बताया गया केशव शर्मा उस वक्त गांव में था ही नहीं, बल्कि पास के एक मैरिज हॉल में एक शादी समारोह का हिस्सा
था।
पुलिस ने
त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले केशव शर्मा से फोन पर बात की और फिर जानवी से
संपर्क साधकर उसकी कुशलता सुनिश्चित की। दोनों से बात होने के बाद पुलिस ने राहत
की सांस ली और यह स्पष्ट हो गया कि हत्या की खबर महज एक अफवाह थी।
कॉल करने वाली युवती की तलाश जारी
हैरानी की बात
यह है कि सूचना देने के तुरंत बाद युवती ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया, जिससे पुलिस को उस पर शक गहरा गया है। पुलिस अब उस नंबर की
लोकेशन और सीडीआर (CDR) के जरिए युवती
की पहचान करने में जुटी है। किसी भी नागरिक द्वारा पुलिस को गुमराह करना या फर्जी
सूचना देना दंडनीय अपराध है। इस मामले में अज्ञात युवती की पहचान की जा रही है, जिसके बाद उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की
जाएगी।
पुलिस टीम की तत्परता
इस
कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की तत्परता सराहनीय रही, लेकिन फर्जी कॉल के कारण विभाग का काफी समय और ऊर्जा व्यर्थ हुई। मौके पर थाना प्रभारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक जांच में जुटे रहे।