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Wednesday, 1st April, 2026
सरदारनगर
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रूरल
न्यूज नेटवर्क। कुशीनगर के पड़रौना
नगर पालिका क्षेत्र में कक्षा 3 की छात्रा हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गई। स्कूल
की छत पर खेल रही बच्ची को करंट लगने से शरीर 80% बर्न हो गया। आनन-फानन में बच्ची
को तत्काल कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत
देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जहां बच्ची का इलाज जारी
है।
मामला
GVP गायत्री विद्यापीठ का बताया जा रहा है। जब सोमवार सुबह छात्रा लंच के बाद स्कूल
के टॉप फ्लोर पर खेलने गई थी। छत की बाउन्ड्री के पास से गुजर रहे बिजली के तार की
चपेट मे आकार छात्रा घायल हो गई। स्कूल प्रबंधक का कहना है कि हमने कई बार बिजली विभाग
को इसकी सूचना दी। सुरक्षा के तौर पर बिजली लाइन को हटाने के लिए कहा गया लेकिन अधिकारियों
ने ध्यान नहीं दिया।
बच्ची
का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है।
वहीं बच्ची के परिजन अस्पताल के बाहर मौजूद है। हादसे की सूचना के बाद से ही परिजनों
का रो-रोकर बुरा हाल है।
लंच ब्रेक के बाद छत पर खेलने गई थी
शालू
घायल
छात्रा की पहचान पडरौना नगर पालिका के सटे गांव बन्धु छपरा गांव की रहने वाली शालू
कुमारी(10 वर्षीय) के रूप में हुई है। शालू GVP गायत्री विद्यापीठ की कक्षा 3 की छात्रा
है। शालू दोहपर लंच ब्रेक में छत पर सहेलियों के साथ खेलने पहुंची थी। खेलते हुए बच्ची
अचानक करंट की चपेट में आ गई। हादसे में बच्ची का शरीर बुरी तरह झुलस गया। हाथ जल गए।
शरीर के अन्य हिस्से पर घाव के निशान हैं।
घटना
के बाद स्कूल स्टाफ ने तत्काल बच्ची को कुशीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। चिकित्सकों
ने शालू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। फिलहा
बच्ची अचेत अवस्था में है। डॉक्टर उसका इजाल कर रहें हैं।
बाउन्ड्री से बिजली लाइन की दूरी 3 फीट
छात्रा
के पिता मुन्ना प्रसाद का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बेसुध हालत में अस्पताल के बाहर
मौजूद हैं। छात्रा के पिता मुन्ना प्रसाद ऑटो ड्राइवर हैं। परिजन घटना की सूचना मिलते
ही अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना
है कि यदि स्कूल में बिजली की व्यवस्था सुरक्षित होती और नियमित जांच की जाती, तो यह
हादसा टाला जा सकता था।
बताया
जा रहा है कि स्कूल के बगल से 11 हजार वोल्टेज के खुले तार गुजर रहे हैं। स्कूल की
बाउन्ड्री से इसकी दूरी 3 फीट है। खेलते समय बच्ची का हाथ बिजली लाइन से छू गया। जिससे
शालू गंभीर रूप से झुलस गई।
प्रिंसिपल बोलें- बिजली विभाग को दी
शिकायत
मामले पर स्कूल प्रशासन का बयान भी सामने आया है। विद्यालय के प्रिंसिपल राम प्यारे सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को कई बार मौखिक रूप से तारों को हटाने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल ने छत पर बाउंड्री कराई है और तारों को पाइप लगाकर कवर भी किया है।