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Saturday, 13th June, 2026
उरूवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर जनपद
के बेलघाट थाना क्षेत्र के सहनदेवा (लखुवापाकड़) निवासी दिग्विजयनाथ द्वारा सरकारी
नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से कथित ठगी करने के मामले में सिकरीगंज
पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में 538 पन्नों की
चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की लंबी विवेचना के बाद तैयार किए गए आरोप पत्र
में ठगी से जुड़े दस्तावेज, गवाहों के बयान, फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल किए
गए हैं। मामले में ठगी का शिकार हुए 82 अभ्यर्थियों को
गवाह बनाया गया है, जिनके बयान
विवेचना के दौरान दर्ज किए गए।
पुलिस जांच के अनुसार, दिग्विजयनाथ खुद को आईजी कार्मिक का पीआरओ बताकर युवाओं और
उनके परिजनों का भरोसा जीतता था। इसके बाद वह पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में नियुक्ति
दिलाने का दावा करता था। नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं से वह विभिन्न मदों के नाम
पर धनराशि वसूलता था और उन्हें विश्वास दिलाता था कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया
अंतिम चरण में है।
विवेचना के दौरान पुलिस को
आरोपी के कब्जे से 82 अभ्यर्थियों से
संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इनमें सत्यापन प्रपत्र, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, शपथ पत्र, आवेदन पत्र और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य कागजात शामिल
थे। दस्तावेजों के सत्यापन और पीड़ितों से पूछताछ के बाद पुलिस को ठगी के पर्याप्त
प्रमाण मिले। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम ली
गई थी, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली। सिकरीगंज पुलिस ने
आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह पुलिस
इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर कार से घूम रहा था।
पूछताछ के दौरान वह अपने पद और तैनाती से संबंधित कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिसमें ठगी का पूरा नेटवर्क सामने आया। पुलिस के अनुसार, ठगी के शिकार युवकों में गोरखपुर के अलावा गाजीपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, अयोध्या, जालौन, अमेठी, महाराजगंज और संतकबीरनगर सहित कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हैं। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर 538 पन्नों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है।